तथ्य-जांच नीति (Fact-Checking Policy)
अंतिम अपडेट: 30 मार्च, 2026
डेली संवाद (Daily Samvad) तथ्य-आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता है। आज के डिजिटल युग में, जहाँ गलत सूचना (Misinformation) और दुष्प्रचार (Disinformation) तेज़ी से फैलते हैं, हम अपने पाठकों को सटीक और सत्यापित जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
1. तथ्य-जांच के सिद्धांत (Principles of Fact-Checking)
हमारी तथ्य-जांच प्रक्रिया निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित है:
- निष्पक्षता (Non-Partisanship): हम किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्ति या संगठन के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं। तथ्य-जांच केवल तथ्यों पर आधारित होती है।
- पारदर्शिता (Transparency): हम अपने स्रोत और तथ्य-जांच की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताते हैं।
- सटीकता (Accuracy): हम विश्वसनीय और सत्यापन योग्य स्रोतों का उपयोग करते हैं।
- ईमानदारी (Honesty): यदि हमसे कोई गलती होती है, तो हम उसे स्वीकार करते हैं और सुधारते हैं।
2. तथ्य-जांच प्रक्रिया (Fact-Checking Process)
हम निम्नलिखित चरणों का पालन करते हैं:
चरण 1: दावे की पहचान (Claim Identification)
- सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स, वायरल पोस्ट, राजनीतिक बयान आदि से संदिग्ध या वायरल दावों की पहचान
- पाठकों द्वारा भेजे गए दावों की जांच
चरण 2: स्रोत सत्यापन (Source Verification)
- प्राथमिक स्रोतों (Primary Sources) से सत्यापन — सरकारी वेबसाइट, आधिकारिक बयान, RTI, न्यायालय के आदेश
- द्वितीयक स्रोतों से क्रॉस-चेक — विश्वसनीय समाचार एजेंसियाँ (PTI, ANI, Reuters)
- विशेषज्ञ राय — संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श
चरण 3: साक्ष्य संग्रह (Evidence Collection)
- रिवर्स इमेज सर्च — वायरल तस्वीरों और वीडियो की जांच
- मेटाडेटा विश्लेषण — डिजिटल सामग्री की तारीख और स्थान की पुष्टि
- आर्काइव जांच — पुरानी खबरों और बयानों का सत्यापन
- डेटा और आंकड़े — सरकारी डेटाबेस और आधिकारिक रिपोर्ट से
चरण 4: निष्कर्ष और रेटिंग (Conclusion & Rating)
| रेटिंग | अर्थ |
|---|---|
| ✅ सत्य (True) | दावा पूरी तरह से सत्य और सत्यापित है |
| ⚠️ आंशिक सत्य (Partly True) | दावा में कुछ सच्चाई है लेकिन पूरी तरह सही नहीं |
| ❌ असत्य (False) | दावा पूरी तरह गलत या भ्रामक है |
| 🔍 भ्रामक (Misleading) | दावा तकनीकी रूप से सही लेकिन संदर्भ से बाहर है |
| ❓ असत्यापित (Unverified) | उपलब्ध साक्ष्यों से न तो पुष्टि हो सकी, न खंडन |
चरण 5: प्रकाशन (Publication)
- तथ्य-जांच लेख में मूल दावा, स्रोत, साक्ष्य और निष्कर्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए जाते हैं
- पाठक को स्वयं निर्णय लेने के लिए पर्याप्त जानकारी दी जाती है
3. हमारे स्रोत (Our Sources)
हम निम्नलिखित प्रकार के स्रोतों का उपयोग करते हैं:
- सरकारी वेबसाइट — PIB, राज्य सरकारों की आधिकारिक साइटें
- न्यायालय के आदेश — Supreme Court, High Court वेबसाइटें
- समाचार एजेंसियाँ — PTI, ANI, Reuters, AFP
- शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थान
- आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट — सत्यापित (verified) अकाउंट
- RTI उत्तर और सार्वजनिक दस्तावेज़
4. सुधार और अपील (Corrections & Appeals)
- यदि हमारी तथ्य-जांच में कोई त्रुटि है, तो हम उसे तुरंत और पारदर्शी रूप से सुधारते हैं।
- यदि कोई व्यक्ति या संगठन हमारी तथ्य-जांच से असहमत है, तो वे साक्ष्य के साथ अपील कर सकते हैं।
- अपील mmmmediahouse@gmail.com पर भेजें — विषय: “तथ्य-जांच अपील”
- हम 7 कार्य दिवसों के भीतर सभी अपीलों की समीक्षा करते हैं।
5. पाठक भागीदारी (Reader Participation)
हम पाठकों को संदिग्ध दावों और वायरल जानकारी की जांच के लिए हमें भेजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं:
- 📧 mmmmediahouse@gmail.com — विषय: “तथ्य-जांच अनुरोध”
- 📞 +91 98881 90945 (WhatsApp भी उपलब्ध)
6. संपर्क
MMM Media House Pvt Ltd.
📍 92-A, Rajeev Gandhi Vihar, Surya Enclave, Jalandhar – 144001, Punjab, India
📧 mmmmediahouse@gmail.com
📞 +91 98881 90945
डेली संवाद — तथ्य पहले, ख़बर बाद में।
