डेली संवाद, नई दिल्ली। RBI Bank Cyber Attack : देशभर के करोड़ों बैंक खाताधारकों के लिए चिंता की बात है। हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अलर्ट जारी कर साइबर हमलों के बढ़ते खतरे को लेकर आगाह किया है। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि हैकर्स का एक समूह ‘LulzSec’ भारतीय बैंकों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है।
यह भी पढ़ें: कनाडा भेजने का झांसा देकर Jalandhar के एजेंट ने ठगे लाखों रुपये, केस दर्ज
Bank Cyber Attack : RBI ने बैंकों को 24/7 खतरे के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया
RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 24/7 आधार पर संभावित खतरों को पकड़ने के लिए तैयार रहें। बैंकों को अपनी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना होगा और बचाव के उपायों को तेज करना होगा।
LulzSec: एक हैकर समूह

LulzSec एक हैकर समूह है जो पहले भी कई हाई-प्रोफाइल साइबर हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। माना जाता था कि यह समूह निष्क्रिय हो चुका था, लेकिन हाल ही में इसके दोबारा सक्रिय होने की खबरें सामने आई हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेज़ी से बढ़ोतरी के साथ-साथ साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ रहा है। RBI की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में वित्तीय क्षेत्र में 20,000 से अधिक साइबर हमले हुए हैं, जिनमें 20 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है।
CERT-IN ने भी पहले जारी किया था अलर्ट

पिछले साल, भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-IN) ने भी SWIFT सिस्टम, कार्ड नेटवर्क, UPI, RTGS और NEFT जैसे वित्तीय नेटवर्क पर साइबर हमलों के खतरे की चेतावनी दी थी।
RBI के अलर्ट के बाद, बैंकों को इन खतरों को गंभीरता से लेना होगा और बचाव के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। बैंकों को अपनी सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करना होगा, कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना होगा और ग्राहकों को सावधान रहने के लिए सतर्क करना होगा।
ग्राहकों के लिए सलाह

- अपने बैंक खातों से जुड़े सभी OTPs और गोपनीय जानकारी को गोपनीय रखें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध लिंक/ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
- मजबूत और अनोखे पासवर्ड का उपयोग करें और उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें।
- अपने बैंक खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत बैंक को सूचित करें।
- सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करते समय ऑनलाइन लेनदेन करने से बचें।
- एंटी-वायरस और एंटी-मालवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें और उन्हें अपडेट रखें।